Friday, 12 October 2007

क्या कसूर था रिज़ावानुर का........


रिज़ावानुर ने प्रियंका तोडी से शादी की...इसीलिये उसे मार दिया गया....सचाई यही है लेकिन इसकी लीपापोती कि जा रही है....अब तो मुख्यमंत्री बुद्धदेव भी इस मामले की जांच CBI से करवाने के पक्ष मे नहीं हैं....रिज़ावानुर का कसूर था कि उसने १ अमीर बाप की बेटी से शादी करने की गुस्ताखी कि थी.....रिज़ावानुर का कसूर यह था कि उसने मुस्लिम होकर १ हिंदु लडकी से शादी करने जैसा महा पाप किया था....


ज़ाहिर है कि और सब मामलों कि तरह यह मामला भी आया गया हो जाएगा जैसा कि पहले भी होता आया है....रह जायेंगे कुछ सवाल?

प्रियंका के बाप की पहुंच ऊपर तक है....इसका साबुत इस बात से मिल जाता है कि विपक्ष कि पार्टी त्रिन्मोल कॉंग्रेस भी प्रियंका के बाप की तरफ हो गयी॥

भारतीय समाज की विडम्बना ही कही जायेगी कि यहां आज भी लैला मजनू और हीर राँझा वाली मानसिकता वाली समाज है....वक़्त बदल गया लेकिन ये टुच्चे मानसिकता वाले लोग आज भी मौजूद हैं....तोडी ने अपनी बेटी को क्यों नही मर दिया....संभव है कि यही तोडी कुछ समय बाद अपनी बेटी की शादी बडे धूमधाम से करते हुए नज़र आएगा और हम सभी इस शादी को देखेंगे लेकिन कोई कुछ नहीं बोलेगा क्योकि रिज़ावानुर हमारे मजहब का नहीं था.......

पिर्तार्पक्षा मनाओ.......


भैया अब मेरी मर्जी है कि मैं अपने पूर्वजों को याद करूं या ना करूं, इन संघियों ने क्या यह ठेका ले रखा है कि पिर्तार्पक्षा जबरदस्ती मनाया जाये.....रायपुर में भारतीय संस्कृति के रक्षाको ने १ मिशन स्कूल में घुस कर तोड़ फोड़ कि....वो भी इसलिय क्योकि उस स्कूल ने पिर्तार्पक्षा अवावास्य के दिन बच्चों को छुट्टी नहीं दी थी....
अब आप ही बताइए कि ये पढने वाले बच्चे पिर्तार्पक्षा कि आवस्य के दिन क्या करेंगे......बेचारे मासूम बच्चों के माता पिता तो अभी भले चंगे हैं...उन्हें क्या ज़रूरत आन् पडी कि वो अपने मम्मी पापा का पिर्तार्पक्षा मनाये।
अगर आप सचमुच उन बच्चों कि भलाई चाहते तो उनकी पढ़ाई में कभी बाधा नहीं बनते....RRS वाले क्या सोचते हैं कि उनकी इस प्रकार कि कारगुजारियों से हम हिंदु बहुत गर्व महसूस करेंगे....मैं आपको एक बात बता दूँ कि आज भी मिशन के स्कूल अंग्रेजी कि पढ़ाई में सबसे आगे आते हैं....और स्कूल तो उनकी नक़ल करते हैं....
कृपया बच्चों को तो बख्स दीजिए........