Thursday 10 July 2008

खतरा एलियंस से या नक्सालिओं से........



एक आकाश में रहें हैं और दुसरे जंगल में.......येलिंस बहुत खतरनाक हैं। ये कौन हें ? क्या चाहतें हें ? क्यों आए हें धरती की ओर ? इन सवालों के जवाब तो येलिंस ही जाने लेकिन हम इतना ज़रूर बता सकते हैं की अगर नक्सल समस्या को गंभीरता से नही लिया गया तो आए वाले कुछ सालों में भारत पर येलिंस का नही नक्सालिओं का राज होगा। ये मैं नही नक्सल मामलों के जाने मने जानकारों का कहना हैं।
फिल्मों में दिखने वाला येलिंस अब आकाश में दिखने लगा हैं। एक रौशनी आकाश में दिखती हैं और येलिंस आया येलिंस आया का शोर सुनायी पड़ने लगता हैं। और हमारे टेलिविज़न पत्रकार भी से भुनाने में पीछे नही रहतें। अफ़सोस हैं की लोगों को येलिंस के ताकत की पूरी जानकारी हैं लेकिन उन्हें नक्सालिओं के ताकत की परवाह नही हैं। उन्हें ये भी नही पता की नक्सालिओं ने २०० जिलों तक अपनी पहुच बना ली हैं। ५०० थाने नक्सालिओं के प्रभाव वाले क्षेत्रो में आते हें।
येलिंस के पास आधुनिक हथियार हैं, जिसके बारे में हम सोच भी नही सकते। लेकिन नक्सालिओं के पास पुलिस से छिना गया हथियार इतना कारगर हैं की वो दिन दहारे किसी को भी उड़ा सकते हैं। हम अपने सामने वाले खतरे को नज़रअंदाज़ कर उस खतरे के लिए परेशान हें जिसके अस्तितिव पर ही प्रश्न चिन्ह हैं। अगली बार आप येलिंस देखे तो परेशान नही हो क्यों की खतरे आपके चारो ओर हैं।

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