चीनी की कड़वाहट ने कृषि मंत्री की जबान को भी कड़वी का दिया है...तभी तो कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि मै कोई ज्योतिषी नहीं हूं, जो ये बता सकूं कि महंगाई कब रूकेगी। महंगाई रोकने के असफल रही सरकार ने चीनी की बढती कीमतों का कसुर यूपी सरकार पर थोप दिया है। चीनी के बढती कीमतों से आम आदमी परेशान हो गया हो लेकिन सरकार को इससे कोई मतलब नहीं रह गया है।ये आलम है हमारे कृषि मंत्री का....की उनके पास इस बात का कोई जवाब नहीं है की चीनी की कीमत कब कम होगी? सरकार के कथित तमाम प्रयासों के बावजूद महंगाई बेतहाश बढ रही है, जिससे आम आदमी बेहाल है। महंगाई का आलम यह है कि चीनी के दाम 20-25 रूपए प्रति किलो बढकर 45 रूपए प्रति किलो तक पहुंच गई है।
शरद पवार के अनुसार चीनी की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए विदेश से 20 लाख टन रॉ चीनी महंगाई थी। लेकिन यूपी सरकार ने इसकी प्रोसोसिंग की इजाजत नहीं दी। उन्होंने कहा कि कांडला पोर्ट पर यह चीनी यूं ही पडी हुई है। गौरतलब है कि महंगाई के मोर्चे पर केन्द्र सरकार विफल साबित हुई है।
आम के साथ कांग्रेस का हाथ, के जुमले वाली सरकार चुप्पी साधे बैठी है....जनता परेशान है लेकिन कृषि मानती आश्वाशन दे रहे हैं की अगले ३ सालों तक चीनी की कीमत घटने वाली नहीं है....कृपया जो लोग मीठा खाने के शौक़ीन हैं वो अपनी ज़बान पर थोडा काबू रखे....