Wednesday 27 June 2007

चमचों के आका भगवान्

कुछ लोग इतने चापलूस टाईप के होते हैं कि वह अपने आका को खुश करने के लिए कुछ भी करने को हमेशा तैयार रहते हैं कभी वह उनके जन्मदिन पर १०१ किलो का केक लेकर पहुंच जाते है तो कभी १०१ किलो का भरी भरकम फूल का हार उन्हें पहनते हैं बेचारे ये चमचे सोचते हैं कि उसके इस काम से उनके नेता जी खुश होकर कोई वरदान दे देंगे

ये चमचे टाईप के लोग वैसे तो सभी जगह मौजूद होते हैं, इनको अपनी काम से जयादा इस बात कि चिन्ता जयादा होते है कि अपने बॉस को किस बहाने खुश करें अपने आका के परिवार के किसी सदस्य का जन्मदिन क्यों ना हो ये यह सुनहरा मौका हाथ से नहीं जाने देते

राजनीती में तो यैसे चमचों कि भरमार है, कुछ ही दिनों पहले राजस्थान कि भाजपा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के किसी चमचे ने उन्हें एक चित्र में अन्नापुर्ना देवी बना दिया और भाजपा के और बडे नेताओं को भी ब्रह्मा, विष्णु और महेश बना दिया इस चित्र को लेकर काफी बवाल मचा

भाजपा को मुह्तोड़ जवाब देने में कांग्रेस के चमचे कहा पिछे रहने वाले थे उन्होने भी आन्नाफ्फंना में सोनिया गाँधी को झाँसी कि रानी के रुप में एक चित्र निकल दिया कांग्रेस के इस चमचे और पूर्व विधायक का तर्क था कि सोनिया गाँधी भी झाँसी कि रानी से कम नहीं हैं उनके इस चमचे ने चित्र में लिखा है कि खूब लड़ी मर्दानी वह तो १० जनपथ वाली रानी थी.........
जय हो चमचागिरी कि.............................

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