Wednesday, 19 September, 2007

जय श्री राम...........

मर्यादा पुराशोतम श्री राम के भक्त उग्र कैसे हो सकते हैं? तमिलनाडु के मुख्य मंत्री करुनिधि के बयान् पर हिंदु रक्षकों ने बस फूक दी जिसमे २ लोग मरे...........

आख़िर करूणानिधि ने यैसा क्या कह दिया कि राम भाग्तों ने आसमान सिर पर उठा लिया.......उन्होने सिर्फ इतना ही कहा कि श्री राम अभियंता नही थे तो क्या यह बात ग़लत है? सचमुच श्री राम कोई अभियंता नहीं थे

राम सेतु के नाम पर अभी तक राम भाग्तों ने काफी कुछ किया है......अब तो बात ख़ून खराबा तक पहुच गयी.....आगे ना जाने और क्या क्या देखने को मिले????

फिर से एक बार बोलिए जय श्री राम.............

2 comments:

संजय बेंगाणी said...

भाई, करूणानिधि सत्य बयान नहीं कर रहे थे, वे उपहास उठा रहे थे.

हाँ भगवान के नाम पर हिंसा उतनी ही गलत बात है.

रही बात सेतु की तो यह हमारी धरोहर है. फिर चाहें उसे रखें या तोड़ दें.

Shrish said...

भाई कुछ आदमी बस फूंकने जैसा गलत काम करें तो उसके लिए आप सभी राम में श्रद्धा रखने वालों को दोषी कैसे ठहरा सकते हैं?