Friday 12 October 2007

पिर्तार्पक्षा मनाओ.......


भैया अब मेरी मर्जी है कि मैं अपने पूर्वजों को याद करूं या ना करूं, इन संघियों ने क्या यह ठेका ले रखा है कि पिर्तार्पक्षा जबरदस्ती मनाया जाये.....रायपुर में भारतीय संस्कृति के रक्षाको ने १ मिशन स्कूल में घुस कर तोड़ फोड़ कि....वो भी इसलिय क्योकि उस स्कूल ने पिर्तार्पक्षा अवावास्य के दिन बच्चों को छुट्टी नहीं दी थी....
अब आप ही बताइए कि ये पढने वाले बच्चे पिर्तार्पक्षा कि आवस्य के दिन क्या करेंगे......बेचारे मासूम बच्चों के माता पिता तो अभी भले चंगे हैं...उन्हें क्या ज़रूरत आन् पडी कि वो अपने मम्मी पापा का पिर्तार्पक्षा मनाये।
अगर आप सचमुच उन बच्चों कि भलाई चाहते तो उनकी पढ़ाई में कभी बाधा नहीं बनते....RRS वाले क्या सोचते हैं कि उनकी इस प्रकार कि कारगुजारियों से हम हिंदु बहुत गर्व महसूस करेंगे....मैं आपको एक बात बता दूँ कि आज भी मिशन के स्कूल अंग्रेजी कि पढ़ाई में सबसे आगे आते हैं....और स्कूल तो उनकी नक़ल करते हैं....
कृपया बच्चों को तो बख्स दीजिए........

No comments: